Sunday, April 14, 2024
HomeComputer CourseBASIC COMPUTER COURSELesson – 1 कंप्यूटर का परिचय (Introduction of Computer)

Lesson – 1 कंप्यूटर का परिचय (Introduction of Computer)

कम्प्यूटर क्या है ? (What is Computer ? )

परिचय (Introduction) – कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा (Latin Language)के ‘‘कम्प्यूट’’ (Compute)  शब्द से हुई है जिसका अर्थ गणना करना है। इसलिए कम्प्यूटर को गणक यंत्र भी कहा जाता है।

कम्प्यूटर का हिन्दी में नाम सगंणक है। संग यानि यंत्र तथा गणक यानि गणना करने वाला। अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि कम्प्यूटर का आविष्कार गणना करने के लिए किया गया था लेकिन आज के समय में कम्प्यूटर केवल गणना करने के लिए प्रयोग नही किया जा रहा है बल्कि आज कम्प्यूटर का प्रयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जा रहा है चाहे वह शिक्षा का हो या व्यापार का सभी क्षेत्र में कम्प्यूटर का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। आज के समय में कम्प्यूटर का प्रयोग कैलकुलेशन (Calculation) करने के साथ-साथ डाॅक्यूमेन्ट (Document) बनाने में, Mp3 गाने सुनने में, वीडियो गाने देखने में, इंटरनेट सर्विस का फायदा उठाने में जैसे- Email, Chatting, Play games, Online या Offline तथा शिक्षा देने में किया जा रहा है।

कम्प्यूटर का प्रयोग आज के समय में बैंको में, स्कूल व काॅलेजो में, कार्यालय में, घरों में, दुकानों में, यातायात के साधन में, चिकित्सालयों में बहुतायत रूप से किया जा रहा है।

कम्प्यूटर एक ऐसा यंत्र है जो अपने बड़े से बड़े कार्य को कम से कम समय में बिना त्रुटि के कर देता है।

कम्प्यूटर स्वयं से कुछ नही करता है कम्प्यूटर से काम कराने के लिए हमे उसे बोलना होता है अर्थात् निर्देश देने होते है जिससे वह हमारे निर्देशों का पालन कर कार्य करता है ये निर्देश प्राप्त करने के लिए कम्प्यूटर अपने कुछ यंत्र रखता है जैसे- की-बोर्ड, माउस या फिर टच स्क्रीन से कम्प्यूटर को बताते है कि क्या करना है अर्थात् दिये गये निर्देशों के अनुसार ही वह कार्य करता है अगर संख्या को जोड़ने के लिए निर्देश दिये है तो वह जोड़ेगा और यदि फाइल को सेव (Save) करने के लिए निर्देश दिया है तो वह फाइल को सेव (Save) करेगा।

जो व्यक्ति कम्प्यूटर को प्रयोग करता है उसे यूजर या प्रयोगकर्ता कहा जाता है।

‘‘जो निर्देश या जो चीज कम्प्यूटर के अन्दर डाले जाते है उसे डाटा कहा जाता है।’’

जो डाटा हम कम्प्यूटर के अन्दर डालते है उसे राॅ डाटा मतलब कच्चा माल कह सकते है। जिसका कोई अर्थ नही होता तथा जो डाटा कम्प्यूटर से प्रोसेस होने के बाद मिलता है उसे सूचना या रिजल्ट/आउटपुट कहा जाता है। जिसका कोई न कोई अर्थ होता है। डाटा तीन प्रकार का होता है डाटा कोई Text, Numbers, Graphics (picture, video, symbols) हो सकता है।

Particular Definition in Hindi

‘‘ कम्प्यूटर एक ऐसी डिवाइस है जो प्रयोगकर्ता से निर्देश प्राप्त कर उस पर प्रकिया करती है और Process होने के बाद एक अर्थपूर्ण या Information प्रयोगकर्ता को देती है जो वह चाहता है।’’

Full form of Computer

C-Common

O-Operating

M-Machine

P-Particularly

U-Used for

T-Trade

E-Education

R-Research

कम्प्यूटर की कार्य प्रणाली (Functions of Computer)

कम्प्यूटर की कार्य प्रणाली में मुख्य रूप से 5 कार्य होते है जो निम्नलिखित है-

  1. इनपुट (Input)
  2. प्रोसेसिंग (Processing)
  3. आउटपुट (Output)
  4. स्टोरेज (Storage)
  5. कन्ट्रोल (Control)
  1. इनपुट (Input) – कम्प्यूटर के डाटा को Enter करना या कम्प्यूटर को निर्देशन देने की प्रकिया को इनपुट (Input) कहा जाता हैै। इस डाटा का अपना कोई अर्थ नही होता है।
  2. प्रोसेसिंग (Processing) – डाटा को प्रोसेस करने या निर्देशों का पालन करने की जो प्रकिया है, उसे प्रोसेसिंग कहते है। Processing Unit, Storage Unit से डाटा लेते है और Process कराने के बाद वापस M.U. को दे देते है। वो Output Unit को भेज देते है।
  3. आउटपुट (Output) – प्रोसेस प्रकिया के बाद जो डाटा मिलता है या Processed डाटा को आउटपुट या रिजल्ट कहते है। प्रोसेस होने के बाद जो डाटा मिलता है वो अर्थपूर्ण होता है इसलिए उसे Information या Result कहते है।
  4. स्टोरेज (Storage) – कम्प्यूटर में डाटा को save करने की प्रकिया स्टोरेज कहलाती है। ये दो प्रकार का होता है प्राइमरी और सेकण्डरी। Primary मतलब Temporary तथा secondry मतलब Permanent ।
  5. कण्ट्रोल (Control) – ऊपर दिये गये सारे काम कैसे Perform होने है कैसे Execution करना है ये सारे काम Control के अन्तर्गत आते है। अतः Control Unit येे सारे काम करता है।

कम्प्यूटर की विशेषताँँए (Characterstics of Computer)

वैसे तो कम्प्यूटर की बहुत सी विशेषताँए है परन्तु उनमें से कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ नीचे बताई जा रही है-

  1. गति (Speed)
  2. शुद्धता (Accuracy)
  3. याद रखने की क्षमता (Power of Remembering)
  4. शक्ति (Diligence)
  5. स्वचलान Automation
  6. भावनाहीन (No feelings)
  7. भण्डारण क्षमता (Storage capacity)
  8. मस्तिष्क का अभाव (No IQ)
  1. गति (Speed) – कम्प्यूटर बहुत ही तेजी से कार्य करने वाली मशीन है। जिस काम को करने में इंसान घण्टों लेता है उस काम को करने में ये कुछ मिनट या सेकण्ड ही लेती है।

मान लीजिए कि 2345678’893218 को हल करने मे इंसान दो या तीन मिनट या ज्यादा समय भी ले सकता है लेकिन इसी काम को करने में कम्प्यूटर 1 सेकण्ड से कम समय लेगा।

2. शुद्धता (Accuracy) – कम्प्यूटर किसी कार्य को पूरी शुद्धता के साथ करता है और अगर कोई गलती हुई है तो वो इंसान के द्वारा ही होती है। जब इंसान कम्प्यूटर को निर्देश दे रहा होता है तब जैसे- 2+4 करना था और आपने की-बोर्ड से 2+7 टाइप (Type) कर दिया तो रिजल्ट गलत आयेगा ही।

अतः कम्प्यूटर लम्बे समय तक बीना कोई गलती किये लगातार कार्य कर सकता है।

3. याद रखने की क्षमता (Power of Remembering) – कम्प्यूटर किसी भी सूचना को बहुत लम्बे समय तक याद रख सकता है। अगर आपने कोई सूचना कम्प्यूटर के अन्दर आज save की है तो वह उसके अन्दर सालों तक save रहेगी। और इंसान जब चाहे और जितने साल बाद उसे खोलकर (Open) करके देख सकता है।

4. शक्ति (Diligence) – कम्प्यूटर थकावट से बिलकुल दूर है मतलब कम्प्यूटर बिना थके लम्बे समय तकलगातार काम कर सकता है। 24’7 वो भी बिना कोई गलती किये।

5. स्वचलान (Automation) – कम्प्यूटर एक स्वचलित मशीन भी है। अर्थात् ये स्वंय भी लम्बे समय तक लगातार काम कर सकती है। लेकिन सबसे पहले आपको जरूरत है कि आप कम्प्यूटर को निर्देश दे कि करना क्या है। जैसे आप सी.डी. या डी.वी.डी से कम्प्यूटर के अन्दर गाने काॅपी करना चाहते है या उन गानों को कम्प्यूटर में save करना चाहते है तो आपको कम्प्यूटर को बताना होगा कि ये चीज CD से काॅपी करके अपने कम्प्यूटर में पेस्ट करनी होगी तभी वह काॅपी होना शुरू होगे और फिर कम्प्यूटर उस काम को स्वंय करता रहेगा अब आप फ्री है। इस अन्तराल आप कोई दूसरा कार्य कर सकते है।

6. भावनाहीन (No Feelings) – कम्प्यूटर के पास भावनाए या इमोशन, स्वाद, ज्ञान तथा अनुभव नहीं होता हैै। इसलिए ये लम्बे समय तक बिना रूके लगातार काम कर सकता है।

7. भण्डारण क्षमता (Storage Capacity) – कम्प्यूटर की भण्डारण क्षमता अत्यधिक होती है। जो भी डाटा हम कम्प्यूटर में सेव करते है वह उसको सेव रखता है। तथा जितना हम स्वंय चाहे कम्प्यूटर में डाटा सेव रख सकते है। अतः स्पष्ट रूप से हम कह सकते है कि कम्प्यूटर की भण्डारण क्षमता की तुलना नहीं की जा सकती है।

8. मस्तिष्क का अभाव (No IQ) – कम्प्यूटर में मस्तिष्क का अभाव नहीं होता है न कम्प्यूटर कोई विचार कर सकता है न स्वंय से कोई कार्य कर सकता है। जो कार्य हम कम्प्यूटर से करवाना चाहते है वह वहीं कार्य करता है।

कम्प्यूटर मूलतः दो भागों से मिलकर बना होता है –

  1. हार्डवेयर (Hardware)
  2. साॅफ्टवेयर (Software)

इंसान ने एक कम्प्यूटर के अन्दर क्या ठोस बनाया है उसे हार्डवेयर तथा क्या साॅफ्ट बनाया है उसे साॅफ्टवेयर कहा जाता है।

  1. हार्डवेयर (Hardware)

कम्प्यूटर के वो भाग जिन्हे देख तथा छू सकते है वह हार्डवेयर की श्रेणी में आते है।

जैसे- की-बोर्ड, माउस, L.C.D. या माॅनीटर, C.P.U. इत्यादि।

2. साॅफ्टवेयर (Software)

कम्प्यूटर के वह भाग जिसे हम केवल देख सकते है लेकिन छू नही सकते वह साॅफ्टवेयर की श्रेणी में आते है।

जैसे- Windows XP, Windows 7,8,10, MS& Office, Tally, Photoshop इत्यादि।

हार्डवेयर और साॅफ्टवेयर के बारे में हम आगे विस्तार से सीखेगें।

कम्प्यूटर के लाभ और हानि (Advantage & Disadvantage of Computer)

कम्प्यूटर के लाभ (Advantages of Computer)

कम्प्यूटर के बहुत से लाभ है लेकिन कुछ मुख्य लाभ निम्नलिखित है –

  1. तेज गणना (Fast Calculation) – कम्प्यूटर, मनुष्य के मुकाबले तेजी से काम करता है यह बहुत बड़ी गणना को कुछ सेकण्ड में कर सकता है जिसे करने में मनुष्य घण्टों लेता है।
  2. सग्रहण क्षमता (Storage Capacity )  – इंसान के मुकाबले कम्प्यूटर कई गुणा ज्यादा और अच्छे तरीके से डाटा अपने अन्दर save करके रख सकता है। आप कम्प्यूटर के द्वारा इंटरनेट का प्रयोग करके क्लाउड स्टोरेज का उपयोग कर अपने डाटा को सुरक्षित रख सकते है।
  3. बात-चीत (Chatting) आप कभी भी और कही भी दुनिया के किसी भी कोने से अपने दोस्तो से व रिश्तेदारों से बात-चीत कर सकते है। जैसे- Video call, Audio call, email, Facebook, WhatsApp का फायदा उठा सकते है।
  4. सूचना की खोज (Searching Information) – आप कम्प्यूटर के द्वारा इटंरनेट पर किसी भी टाॅपिक से सम्बन्धित जानकारी खोज सकते है या प्राप्त कर सकते है। वो भी बहुत कम समय में।
  5. लेन-देन (Transaction) – आप कम्प्यूटर का प्रयोग करके बड़े से बड़े लेन-देन सेकण्डों में कर सकते है। यहाँ तक की बैकिंग लेन-देन भी आप इटंरनेट का प्रयोग करते हुए अपने कम्प्यूटर के द्वारा कर सकते है।
  6. आॅनलाइन चीजे खरीदना (Online Shopping) – आप घर बैठे इटंरनेट का प्रयोग करते हुए किसी भी सामान को अपने घर से कम्प्यूटर के माध्यम द्वारा आर्डर कर सकते है।
  7. बिल भुगतान (Paying Bill) – आप घर बैठे ही अपने कम्प्यूटर द्वारा इटंरनेट का प्रयोग करके अपने सारे बिलों का भुगतान कर सकते है। चाहे वह मोबाइल से सम्बन्धित हो या बिजली या अन्य से।
  8. शिक्षा (Education) – आज के समय में आप घर बैठे शिक्षा ग्रहण कर सकते है और अपने PC का प्रयोग करके आप तरह-तरह के कोर्स घर पर ही इटंरनेट के द्वारा कर सकते है।
  9. व्यापार (Business) – आप कम्प्यूटर के द्वारा व्यापार आसानी से कर सकते है। ऑनलाइन चीजें बेच व खरीद सकते है।
  10. चिकित्सा के क्षेत्र (In Hospitals) – आज नई-नई बीमारियों का इलाज कम्प्यूटर के द्वारा सम्भव हैै। और दवाई लेने के लिये मेडिकलों पर जाने की जरूरत नही है। आप घर बैठे दवाइयों को आर्डर कर सकते है।

कम्प्यूटर की हानि (Disadvantage of Computer)

  1. कंप्यूटर  और मोबाइल का अधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
  2. कंप्यूटर के विकास ने बेरोजगारी को बढ़ावा दिया है। क्योकि यह कई इंसानो का काम अकेले ही कर लेता है।
  3. इन्टरनेट के द्वारा कम्प्यूटर का प्रयोग करके आपके डाटा या पैसे को चोरी किया जा सकता है।
  4. लोगो के सम्बन्धों में कम्प्यूटर और मोबाइल कई बार एक दीवार की तरह साबित होता है और उनके बीच दूरिया बना देता है।
  5. कंप्यूटर के प्रयोग ने मानव को आलसी बना दिया है।
  6. कंप्यूटर के द्वारा बच्चे इटंरनेट पर गलत चीजें खोजते है। जिससे उनका भविष्य खराब होता जा रहा है।

कम्प्यूटर के प्रयोग (Uses of Computer)

कम्प्यूटर हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। आज हर क्षेत्र में कम्प्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। जिनमें से कुछ निम्नलिखित है –

  1. शिक्षा (Education) – कम्प्यूटर शिक्षा का एक अभिन्न अंग बन चुका है। कम्प्यूटर के ज्ञान के बिना आज के समय में नौकरी मिलना मुश्किल है। अध्यापकों द्वारा बच्चों को शिक्षा देने के लिए कम्प्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। विधार्थियों का रिकार्ड रखने के लिये और परीक्षा पेपर बनाने के लिये कम्प्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। इटंरनेट पर शिक्षा व अन्य सम्बन्धित जानकारी कम्प्यूटर के द्वारा प्राप्त की जा सकती है।
  2. व्यापार (Business) – व्यापार में कम्प्यूटर का प्रयोग व्यापक रूप से किया जा रहा है। व्यापार से सम्बन्धित सारा लेन-देन कम्प्यूटर से किया जा रहा हैै। व्यापारी अपने कस्टमर (Costumer) और उनसे सम्बन्धित लेन-देन का रिकार्ड कम्प्यूटर में सुरक्षित रख सकते है। कम्प्यूटर के द्वारा इटंरनेट का प्रयोग करके सामान बेचा व खरीदा जा सकता है।
  3. चिकित्सालय (Hospitals) – चिकित्सा के क्षेत्र में कम्प्यूटर का प्रयोग विभिन्न शारीरिक रोगों का पता लगाने तथा उनका इलाज करने में किया जा रहा है। आधुनिक युग में एक्स-रे, सी टी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जांचो में कम्प्यूटर का प्रयोग विस्तृत रूप से किया जा रहा है।
  4. बैंक (Bank) – बैकिंग क्षेत्र में तो कम्प्यूटर ने कान्ति ही फैला दी हैै। आज बैंको के अधिकाशः कार्य जैसे- ऑनलाइन बैकिंग, ATM द्वारा पैसे निकालना, चेक का भुगतान, रूपये गिनना इत्यादि कम्प्यूटर के द्वारा ही किये जा रहे है।
  5. यातायात (Travelling) – आज हम घर बैठे अपना टिकट बुक कर सकते है। Reservation करा सकते है। तथा कौन सी ट्रेन या फ्लाइट कितने बजे है सारी जानकारी घर बैठे अपने कम्प्यूटर पर इटंरनेट का प्रयोग करके आसानी से प्राप्त कर सकते है।
  6. मनोरंजन (Entertainment) –  मनोरंजन के क्षेत्र में कम्प्यूटर का उपयोग प्रायः सिनेमा, टेलीविजन कार्यकमों, वीडियो गेम इत्यादि के रूप में किया जा रहा है।
  7. खेल (Sports) – खेलों में काफी निर्णय कम्प्यूटर के द्वारा लिये जाते है। थर्ड अम्पायर का प्रयोग सही डिसीजन लिये जाते है। जिसमे सारे खेल की रिकार्डिग की जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे रीप्ले तथा जूम़ करके सही डिसीजन लिये जाते है।
  8. प्रकाशन (Publishing) – प्रकाशन में कम्प्यूटर का प्रयोग मेगजीन्स, बुक्स और समाचार-पत्र को प्रकाशित करने में उन्हे छापने में किया जा रहा है।
  9. विज्ञापन (Advertisement) – कम्प्यूटर का प्रयोग विभिन्न प्रकार के विज्ञापनों को डिजाइन करने में तथा उनका विज्ञापन करनें में विस्तृत रूप से किया जा रहा है।
  10. सरकार (Government) – आज के समय में आप सरकारी साईट पर जाकर अपना बिजली का बिल या अन्य प्रकार के बिल का भुगतान कर सकते है। आप अपने कम्प्यूटर के द्वारा सरकारी नौकरी के फार्म ऑनलाइन करा सकते है तथा उनके एडमिट कार्ड को प्राप्त कर सकते है।

Components Identification of a P.C.

CPU के आगे के हिस्से पर उपलब्ध पर Components-

  1. Power Button – पाॅवर बटन कम्प्यूटर को ऑन करने के लिये होता है। आपके सी पी यू में एक बटन दिया होता है। आपको यह बटन दबाना होता है। जो स्टार्ट करने के लिए अर्थात् इसको दबाते ही कम्प्यूटर स्टार्ट हो जाता है।
  2. Led Light – जैसे ही आप पाॅवर बटन दबाते है एक Light Power Button  में ही या उसी के साइड में एक लाइट ऑन हो जायेगी जिससे पता चलता है कि कम्प्यूटर ऑन चुका है। इस लाइट को LED कहा जाता है।
  3. Reset Button – कम्प्यूटर में कुछ परिवर्तन (Changes/Settings) करने के बाद आपको कम्प्यूटर रिस्टार्ट करना पड़ता है। जिससे वो सारे परिवर्तन Apply हो जाये या सेट हो जाये इस काम को करने के लिये आपको Reset बटन को दबाना होगा जिससे कम्प्यूटर पहले बन्द होगा फिर शुरू होगा फिर सारे परिवर्तन करने के बाद शुरू हो जायेगा अब वो सारी Settings हो चुकी होगी जो भी आपने की थी।
  4. USB Ports – ये Ports Pen Drive या Data cable या कोई भी USB Device लगाने के लिये दिये जाते है।
  5. Line out / Line in Ports – ये Ports Speaker या MIC को कनेक्ट करने के लिये दिये होते है।

CPU के पीछे के हिस्से पर उपलब्ध Components-

  1. Power Socket ये Socket Board से Power देने के लिये होता है। Board से Power code इस Socket में लगायी जाती है।
  2. PS2 port ये Keyboard (Purple color) और Mouse (Green color) को Connect करने के लिए होते है।
  3. USB Ports USB Device लगाने के लिये।
  4. VGA Port LCD या Projector लगाने के लिये।
  5. Serial Port Games कनेक्ट करने के लिये।
  6. NIC Port Ethernet wire या Len wire लगाने के लिये।
  7. Line Out / Line In – स्पीकर, माइक के लिये।
  8. PS2 Printer Port (Pink color) प्रिंटर लगाने के लिये।
  9. LCDआउटपुट दिखाने के लिये।
  10. Mouseकम्प्यूटर को निर्देश देने के लिये।
  11. Keyboardकोई Text, Symbol, Number कम्प्यूटर के अन्दर डालने के लिए।

Question & Answers

  1. प्रथम कंप्यूटर का नाम क्या है ?
    • एनिएक
    • अबेकस
    • नैपिएर बोंस
    • एनालिटिकल मशीन
  2. प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का नाम क्या है ?
    • एनिएक
    • अबेकस
    • नैपिएर बोंस
    • एनालिटिकल मशीन
  3. कंप्यूटर के पिता कोन थे  ?
    • नैपिएर
    • चार्ल्स बैबेज
    • जॉन नैपिएर
    • पास्कल
  4. डिफरेंस इंजन का आविष्कार किसने किया ?
    • नैपिएर
    • चार्ल्स बैबेज
    • जॉन नैपिएर
    • इनमे से कोई नहीं
  5. कंप्यूटर का पहला फंक्शन क्या है ?
    • प्रोसेसिंग
    • आउटपुट
    • इनपुट
    • स्टोरेज
  6. कंप्यूटर कि फुल फॉर्म में C का अर्थ ——-
    • कॉमन
    • कैंसिल
    • कॉपरेट
    • इनमे से कोई नहीं
  7. एक सामान्य कीबोर्ड में कितने  बटन होते है ?
    • 103
    • 104
    • 106
    • 108
  8. कंप्यूटर शब्द कि उत्पत्ति किस शब्द से हुई है ?
    • कंप्यूट
    • कैलकुलेटर
    • कॉमन
    • इनमे से कोई नहीं
  9. CPU कि फुल फॉर्म क्या है ?
    • central processing unit
    • center processing unit
    • common processing unit     
    • none
  10. अगर करंट चला जाता है तो उस स्तिथि  में कंप्यूटर को कौन पॉवर देता है ?
    • UTS
    • UPS
    • USP
    • none
  11.  डेस्कटॉप कंप्यूटर में हर पार्ट को अलग अलग रखता है ?
    • सत्य
    • असत्य
  12. कंप्यूटर हाई स्पीड मशीन नहीं है ?
    • सत्य
    • असत्य
  13. कंप्यूटर DC (direct current) से चलता है ?
    • सत्य
    • असत्य
  14. लैपटॉप बैट्री से चल सकता है ?
    • सत्य
    • असत्य
  15. CPU कंप्यूटर का मस्तिष्क नहीं है ?
    • सत्य
    • असत्य
  16. एक कंप्यूटर में कम से कम चार पार्ट होने जरूरी है ? keyboard, mouse, lcd, cpu
    • सत्य
    • असत्य
  17. अगर हम बंद करना चाहते है तो हमें shutdown पर क्लिक करना पड़ेगा ?
    • सत्य
    • असत्य
  18. mouse में कितने बटन होते है ?
    • 3
    • 4
    • 5
    • 2
  19. सामन्य कंप्यूटर जो हम प्रयोग  करते है| माइक्रो कंप्यूटर है ?
    • सत्य
    • असत्य
  20. अगर हम कंप्यूटर on करना चाहते है तो CPU से पॉवर बटन दबाना पड़ता है ?
    • सत्य
    • असत्य
hsguruji
hsgurujihttp://hsguruji.com
I am a life coach,motivational trainer and a computer master.
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